बुत नही तुम तो बुत में मौजूद बुद्ध हो बुतपरस्ती तुम्हारी मुर्दापरस्ती है, तुम इस मुर्दा से जी उठो और ज़िन्दा बन के अपनी ज़िन्दगी की पूजा करो – मौत से मत घबराओ तुम सदियों से आजाद हो
बुत नही तुम तो बुत में मौजूद बुद्ध हो बुतपरस्ती तुम्हारी मुर्दापरस्ती है, तुम इस मुर्दा से जी उठो और ज़िन्दा बन के अपनी ज़िन्दगी की पूजा करो – मौत से मत घबराओ तुम सदियों से आजाद हो