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बुत नही तुम तो बुत में मौजूद बुद्ध हो बुतपरस्ती तुम्हारी मुर्दापरस्ती है, तुम इस मुर्दा से जी उठो और ज़िन्दा बन के अपनी ज़िन्दगी की पूजा करो – मौत से मत घबराओ तुम सदियों से आजाद हो

प्यार हो तुम – प्यार हूं मैं

In between plus and minus

भ्रम का आधा भुलक्कड़ मगर आधा काल्पनिक से वैज्ञानिक का तुम सत्य

पढ़ो मुझे के मैं तुम्हरा कल्पनाशील भ्रम का सत्य हूं

कशफ की लाल चड्डी और दुनियां का बैल

आदम और इबलिस की बाज़ी

मोहब्बत की कलपना का सपना – अंत का आरंभ (एक कल्पना की कहानी)